उससे पूछा कि कितने की है ये गाड़ी ? उसने बताया बारह लाख की।
आज सुबह देखा कि एक आदमी अपनी महंगी टेक्सी की डिक्की में सब्जियां रख बेच रहा था । उससे पूछा कि कितने की है ये गाड़ी ? उसने बताया बारह लाख की। मैनें पूछा कितने का धंधा हो जाता है इन सब्जियों को बेच कर ? कहा उसने,बस इसकी किस्त निकल जाती है किसी तरह। और पहले कितना कमा लेते थे इस टेक्सी से ? लगभग अस्सी हजार महीना। थोड़ा दिमाग पर ज़ोर डाला तो ध्यान आया कि ये अकेला नहीं जिसने इस प्रकार के अपने रोजगार को बदलने वाला। पास की लॉन्ड्री वाला भी सब्जियां बेच रहा है और ब्यूटीपार्लर वाली भी। 14 करोड लोगों की नोकरियाँ जा चुकी हैं रेलवे कर्मचारियों की पेंशन देने के पैसे नहीं बचे मोदी सरकार के पास। एयर इंडिया के हज़ारों कमर्चारियों को बिना वेतन पांच साल की छुट्टी पर भेज दिया गया है। अध्यापकों की सेलरी नहीं मिल रही। पुलिस वालो की आधी तनख्वाह नहीं मिल रही है। नई नोकरियाँ नहीं हैं। हज़ारों प्राइवेट कारखाने, दुकानें, फैक्ट्रियां बन्द। छोटे - मोटे काम जैसे चाय - पान -सिगरेट की दुकाने बन्द। घरों में काम करने वाली बाइयों का आना बंद। अर्थव्यवस्था टूटने की कगार पर। बैंकों से जिन पूंजीपतियों ने पैसा ले ...