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आज के इस दौर में कोरोना स्पेशल हेल्थ इंश्योरस पॉलिसी कितनी प्रभावी हो सकती है?

आज के इस दौर में कोरोना स्पेशल हेल्थ इंश्योरस पॉलिसी कितनी प्रभावी हो सकती है?  आज के समय में हर कोई चिंतित हैं कि परिवार के लिए कोरोना कवच या कोरोना रक्षक पॉलिसी लेनी चाहिए या फिर इसके इस्के स्थान पर कोई और विक्लप हो सकता है । हम सब के लिए कोरोना काल में, लॉकडाउन का दौर कठिन रहा है । संक्रमण के बढ़ते मामलों ने स्पेशल कोरोना हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के बारे में सोचने पर हम सब को विवश किया है, क्योंकि सामान्य हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी की कुछ सीमाएं होती हैं। अतः हम तय नहीं कर पा रहे है  कि हमे कौन-सी पॉलिसी लेनी चाहिए। वर्तमान समय में सभी मौजूदा हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी कोरोना को कवर करती है। लेकिन इनकी सीमाएं हैं, क्योंकि अस्पताल में बड़ा हुआ खर्च पालिसी धारक पर होता है, जिसे कोई हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी पूरी तरह कवर नहीं करती। ये बात हमारी चिंता में वर्द्धि करती है। कोरोना से जुडी पालिसी कोरोना कवच या कोरोना रक्षक कोन सी पालिसी ले? कोरोना का इलाज कराते हुए आर्थिक सुरक...

उससे पूछा कि कितने की है ये गाड़ी ? उसने बताया बारह लाख की।

 आज सुबह देखा कि एक आदमी अपनी महंगी टेक्सी की डिक्की में सब्जियां रख बेच रहा था । उससे पूछा कि कितने की है ये गाड़ी ? उसने बताया बारह लाख की। मैनें पूछा कितने का धंधा हो जाता है इन सब्जियों को बेच कर ? कहा उसने,बस इसकी किस्त निकल जाती है किसी तरह। और पहले कितना कमा लेते थे इस टेक्सी से ?  लगभग अस्सी हजार महीना। थोड़ा दिमाग पर ज़ोर डाला तो ध्यान आया कि ये अकेला नहीं जिसने इस प्रकार के अपने रोजगार को बदलने वाला। पास की लॉन्ड्री वाला भी सब्जियां बेच रहा है और ब्यूटीपार्लर वाली भी। 14 करोड लोगों की नोकरियाँ जा चुकी हैं रेलवे कर्मचारियों की पेंशन देने के पैसे नहीं बचे मोदी सरकार के पास। एयर इंडिया के हज़ारों कमर्चारियों को बिना वेतन पांच साल की छुट्टी पर भेज दिया गया है। अध्यापकों की सेलरी नहीं मिल रही। पुलिस वालो की आधी तनख्वाह नहीं मिल रही है। नई नोकरियाँ नहीं हैं। हज़ारों प्राइवेट कारखाने, दुकानें, फैक्ट्रियां बन्द। छोटे - मोटे काम जैसे चाय - पान -सिगरेट की दुकाने बन्द। घरों में काम करने वाली बाइयों का आना बंद। अर्थव्यवस्था टूटने की कगार पर। बैंकों से जिन पूंजीपतियों ने पैसा ले ...

नया रिकॉर्ड बनाने के करीब पहुंची चांदी,78,000 रुपए प्रति किलो का.

  नया रिकॉर्ड बनाने के करीब पहुंची चांदी,78,000 रुपए प्रति किलो का. घरेलू वायदा बाजार में चांदी का भाव शुक्रवार को रिकॉर्ड 77,949 रुपए प्रति किलो पर चला गया और सोना ने भी 56,191 रुपए प्रति 10 ग्राम की रिकॉर्ड उंचाई को छुआ। अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में तेजी के चलते भारतीय बाजार में महंगी धातुएं लगातार नई ऊंचाई को छू रही हैं। हालांकि ऊंचे भाव पर मुनाफावसूली का भी दबाव बना हुआ है।  चांदी  के सितंबर एक्सपायरी अनुबंध में शुक्रवार की सुबह 10.19 बजे पिछले सत्र से 248 रुपए यानी 0.33 फीसदी की तेजी के साथ 76300 रुपए प्रति किलो पर कारोबार चल रहा था, जबकि इससे पहले कारोबार के दौरान चांदी का भाव 77,949 रुपए प्रति किलो तक उछला, जो एक नया रिकॉर्ड है। हालांकि शुरूआती कारोबार के दौरान चांदी का भाव 75,063 रुपए प्रति किलो तक फिसला.   

जानिए चांदी में क्यों आ रही है बंपर तेजी ?

जानिए  चांदी में क्यों आ रही है बंपर तेजी और आगे क्या रहेगी इसकी रफ्तार।  क्या निवेश के लिए चांदी बन रही है नया सोना? ऐसा लगता है, मानों सोने-चांदी की कीमतों में आसमान छूने की प्रतिस्पर्धा लगी हो। इन दोनों धातुओं के भाव रोज अपना न्य रिकॉर्ड बना रहे हैं। सोने का वायदा भाव रिकॉर्ड उच्चतम स्तर पर ट्रेंड करता दिखा। वहीं, चांदी 60,000 रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर ट्रेंड करती देखी गई। पिछले कुछ दिनों में चांदी के भाव में जबरदस्त तेजी देखी गई है। एमसीएक्स एक्सचेंज पर बुधवार को ट्रेडिंग के दौरान चांदी दिसंबर 2012 के बाद के उच्चतम स्तर पर ट्रेंड कर रही थी। वहीं, वैश्विक स्तर पर बुधवार को चांदी का भाव 23 डॉलर प्रति औंस से ऊपर ट्रेंड करता दिखा, जो कि अक्टूबर 2013 के बाद का उच्चतम स्तर है। आइए जानते हैं कि चांदी के भाव में इस उछाल की पीछे कौन-कौनसे कारण हैं। 1. ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में कोविड-19 महामारी के चलते 275 खनन कार्य बाधित हुए हैं। इनमें सोने और चांदी की खदानें सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। 2. साल 2010 के बाद की अपनी सबसे बेहतर तिमाही पूरी...

ये 5 स्कीम पोस्ट ऑफिस की है बेहद खास, इसमें मिलता है ज्यादा फायदा

ये 5 स्कीम पोस्ट ऑफिस की है बेहद खास, इसमें मिलता है ज्यादा फायदा। पोस्ट ऑफिस (Post Office Schemes) की ऐसी बहुत सी स्कीम हैं जिसमें आप निवेश कर के अच्छा रिटर्न पा सकते हैं. कई ऐसी स्कीम्स हैं जो छोटी बचत के लिहाज से बड़े काम की हैं. पोस्ट ऑफिस की इन छोटी बचत योजनाओं में निवेश करने से न सिर्फ सरकारी गारंटी मिलती है बल्कि, अच्छे रिटर्न के साथ टैक्स छूट का भी फायदा मिलता है. आयकर में सेक्शन 80C के तहत इसमें 1.5 लाख रुपये के प्रति वर्ष के निवेश पर टैक्स छूट मिलता है. ऐसे में आप इन योजनाओं का फायदा उठा ले सकते हैं. आइए जानते हैं इन स्कीमों के बारे में सबकुछ... 1. पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम- अगर आप कम जोखिम के साथ निवेश करना चाहते हैं तो इसके लिए पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (Monthly Income Scheme) एक बेहतर विकल्प हो सकता है. मंथली इनकम स्कीम में आपको 6.6 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा. ब्याज की रकम हर माह आप...

रियल एस्टेट में पैसा लगाना अभी क्यों है अच्छा विकल्प?

रियल एस्टेट में पैसा लगाना  क्यों है अच्छा विकल्प। रियल एस्टेट में समय के साथ लगातार बदलाव हो रहा है. रियल एस्टेट को अब एक लंबी अवधि के निवेश माध्यम के तौर पर भी देखा जा रहा है. जो एक समय बाद अच्छा रिटर्न प्राप्त करवा सकता है . कोरोनावायरस महामारी के इस मौजूदा हालात में इसे निवेश के बेहतर विकल्पों में से एक माना जा सकता है. फ्लैट/प्लॉट हालांकि केवल एक फिजिकल प्रॉपर्टी है, लेकिन आमतौर पर लोगों का इससे भिवष्य का अपना एक व्यावसायिक हित भी जुड़ा रहता है. यह किसी भी रेजिडेंशियल/ कॅमर्शियल प्रॉपर्टी में निवेश करने की एक अहम वजह होती है. आपको बताते हैं कि मौजूदा समय रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी में निवेश करने के लिए क्यों बेहतर है? रियल एस्टेट में वित्तीय सुरक्षा खुद का घर होना व्यक्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण और बड़े वित्तीय निवेशों में से एक हो सकता है. इसके साथ भविष्य के लिए वित्तीय सुरक्षा होती है. घर से निवेशक को फिजिकल सुरक्षा की भावना भी होती है. समय के साथ बढ़ती रहती हैप्रॉपर्टी की वैल्यू। वैश्विक तौर पर सोना और प्रॉपर्टी दो सबसे बेहतर एसेट हैं जिनकी वैल्यू समय के साथ बढ़ती है...

अटल पेंशन योजना (APY) में ओटो डेबिट 1 जुलाई 2020 से शुरू।

अटल पेंशन योजना में ओटो डेबिट 1 जुलाई 2020 से शुरू। 1 जुलाई 2020 से अटल पेंशन योजना खातो से मासिक योगदान में ओटो-डेबिट पैसा कटने की शुरुआत सरकार द्वारा की जा रही है. जैसा की 11 अप्रैल 2020 की तारीख वाले सर्कुलर में बताया गया था (PFRDA) पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ने बैंकों को अटल पेंशन योजना योगदान के ऑटो डेबिट को 30 जून 2020 तक रोकने का दिशानिर्देश जारी किया था. इस सर्कुलर के मुताबिक अटल पेंशन योजना में ऑटो डेबिट 1 जुलाई से दोबारा शुरू किया जा रहा है. ओटो - डेबिट की है सुविधा करोना संकट और लॉक-डाउन की वजह से थी 30 जून 2020 रोक दी गई थी. अप्रैल में (PFRDA) के अनुसार अटल पेंशन योजना से जुड़े लोगो के बैंक खातो से ऑटो डेबिट की सुविधा 30 जून 2020 तक रोग दी गई थी. इसका प्रमुख कारण करोना संकट और लॉक-डाउन था. इस बीच ऐसे बहुत से लोगों की आमदनी पर फर्क पड़ा है जो अटल पेंशन योजना में अंश दान करते है या उनको कठिनाई अंशदान करने में कठनाई हो रही है तो वह लोग इस तरह से 30 जून 2020 तक अपनी अटल पेंशन योजना की किस्त रोक सकते थे. यह सब स्थिति लॉकडाउन और करोना संकट के कारण ह...